What To Choose ?
🤔 मेरा एक प्रश्न है । 🤔
मैं चाहता हूँ की हो सके तो सब इस प्रश्नका उत्तर देनेकी कोषिश करें । प्रश्न का उत्तर आप सभी पहेलु से मनन करके दे। मुझे लगता है कि इस प्रश्न से हम सबको कुछ नयी दिशाए मिलेगी ।
हमें जीवनमे किसी भी परिस्थिति या संजोग को किस नजरिए से देखना चाहिए या किस तराजू पे तोलना चाहिए ?
१. सत्य के तराजू पर
२. सही/गलत (योग्य) तराजू पर
३. वास्तविकता के तराजू पर ?
★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
मैने जो प्रश्न किया था उनका मेरे पास उत्तर नही है लेकिन कुछ और सवाल है जिनको में यहाँ व्यक्त करता हूँ । कृपया इन छिपे हुवे सवालो के उत्तर ढूंढने में मेरी मदद करें ।
⚖ सत्य - असत्य का तराजू ⚖
. सत्य सत्य नहीं है, सत्य एक भ्रम है । हमारा सत्य हमारी धारणाएं, हमारे अनुभव, हमारे ज्ञान तक सिमित है । हम जितना सोच सकते है सत्य वहीँ तक है । हम जितना महसूस करते है सत्य वहीँ तक है । जब हमारा ज्ञान बढ़ेगा सत्य बदल जायेगा, जब हमारा अनुभव बदलेगा सत्य भी बदल जायेगा, अगर हम महसूस करना छोड़ दे तो सत्य ख़त्म हो जायेगा । इस लिए हम सत्य की सही व्याख्या नहीं कर सकते । हमारे माने हुवे सत्य से किया हुवा निर्णय क्या परिणाम देगा वह अनिश्चित होगा ।
✔ सही या गलत ❌
. क्या सही है क्या गलत है वह इस बात पे निर्भर है कि हम कहाँ खड़े है ? हमारी जरूरते क्या है ? हमारा स्वार्थ कहाँ तक है ? हमारा फायदा कितना है ? जरूरते, स्वार्थ और फायदे, इन शब्दों का संबंध सामाजिक और आध्यात्मिक दोनों से है । हमारा स्वार्थ सिर्फ हमें ही फायदा दिलाएगा और सामने वाला इससे आहात होगा । क्यों की उनका स्वार्थ या तो जरूरते हमसे अलग है । इस लिए हमारे निर्णय को सही या गलत नहीं कहे सकते ।
🤔 वास्तविकता 🤔
. हमें जो दीखता है, महसूस होता है वही वास्तविक है ऐसा मानना एक बहोत बड़ा भ्रम है । वास्तविकता हमारी सोच पर निर्भर है । और सोच प्रभावित होती है । सोच बदली की वास्तविकता बदल गयी । बदलती हुई वास्तविकता के चलते निर्णय लेना संभव नहीं है ।
- उदय भट्ट
ता. १६-सितंबर-१६
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